समास (COMPOUND समास का शाब्दिक अर्थ है संक्षिप्त समास प्रक्रिया में शब्दों का संक्षिप्त में वर्णन किया जाता है समास - दो अथवा दो से अधिक शब्दों से मिलकर बने हुए नए सार्थक शब्द को समास कहते हैं समस्त पद / सामासिक पद- समास के नियमों से बना शब्द समस्त पद या सामासिक शब्द कहलाता है समास विग्रह- समस्त पद के सभी पदों को अलग अलग किए जाने की प्रक्रिया समास विग्रह व्यास कहलाती है जैसे- नीलकमल का विग्रह "नीला है जो कमल" तथा चौराहा का विग्रह "चार राहों का समूह" समास के भेद समाज के छह मुख्य भेद हैं 1. अव्ययीभाव समास 2.तत्पुरुष समास 3.कर्मधारय समास 4.द्विगु समास 5.द्वंद समास 6.बहुव्रीहि समास पदों की प्रधानता के आधार पर वर्गीकरण पूर्व पद प्रधान - अव्ययीभाव उत्तर प्रधान - तत्पुरुष कर्मधारय दोनों पद प्रधान - द्वंद दोनों पद अप्रधान - बहुव्रीहि ( इसमें कोई तीसरा प्रदान होता है) 1. अव्ययीभाव समास- जिस समास का पहला पद (पूर्वपद) अव्यय त...
मध्य प्रदेश सामान्य ज्ञान संपूर्ण ज्ञान जनजाति विस्तार में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 366 (25) के अनुसार जनजाति से तात्पर्य उन जनजातीय समुदाय अथवा जनजातीय समुदायों के अनुसूया समूह से है जो संविधान के अनुच्छेद 342 के तहत अनुसूचित जनजातियों के रूप में माने गए हैं इसी अनुच्छेद के तहत राष्ट्रपति के द्वारा आम सूचना जारी की जाती है संसद किसी भी जनजातीय समुदाय अथवा उसके आंसुओं को अनुसूचित जनजातियों की सूची से निकाल सकती है या उसमें जोड़ सकती है मध्य प्रदेश की प्रमुख आदिवासी जनजातियां और जनजातियां निम्न है गाेंड- प्रधान, अगरिया, ओझा, नगारची, साेलहास, कमार मध्य प्रदेश में कुल जनजाति जनसंख्या का 35% है निवास क्षेत्र- प्रदेश के सभी जिलों में मुख्यता नर्मदा के दोनों किनारों पर विंध्य और सतपुड़ा अंचल में भील- बरेला, भिलाला, पटेरिया, (37.7%) निवास क्षेत्र- धार झाबुआ पूर्वी निमाड़ अलीराजपुर बैगा- बिझवार, धनोतिया, भराेतिया, ना...
👉 इंग्लैंड की क्रांति (1680)👈 क्यों कब 1680 अन्य नाम- शानदार क्रांति, रक्त हीन क्रांति, गौरवशाली क्रांति कारण- राजनीतिक, धार्मिक, सामाजिक घटनाएं प्रभाव 1688 ई. में इंग्लैण्ड में हुई इस रक्तहीन क्रांति ने अमेरिका (इंग्लैंड का उपनिवेश) में भी स्वतंत्रता की मांग बुलंद की। अमेरिका में शासन ब्रिटिश संसद द्वारा चलाया जाता था जो अमेरिकावासियों को सहन न था। वे स्वतंत्र रूप से शासन करना चाहते थे। अतः अमेरिकी उपनिवेश ने अपनी स्वतंत्रता के लिए जो संघर्ष किया वही अमेरिकी क्रांति कहलाता है। ये क्रांति 1776 ई. में हुई। उपरोक्त दो क्रांतियों के परिणाम एवं प्रभाव स्वरूप यूरोप में भी क्रांति का दौर प्रारंभ हुआ। 18वीं सदी में यूरोपीय देशों में फ्रांस की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति अत्यंत जर-जर थी। शासक कुलीन तथा पादरी वर्ग केवल अपनी विलासिता पर ही ध्यान देते थे। जनता एवं जनहित के कार्यो तथा प्रशासन में उनकी कोई रूचि नहीं थी। वे केवल महाटोपा एवं कृषकों का शोषण करते थे। ऐसी परिस्थिति में फ्रांस में बुद्धिजीवी वर्ग का उदय हुआ जिन्होंने जनता को उनके अधिकारों ...
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