समास (COMPOUND समास का शाब्दिक अर्थ है संक्षिप्त समास प्रक्रिया में शब्दों का संक्षिप्त में वर्णन किया जाता है समास - दो अथवा दो से अधिक शब्दों से मिलकर बने हुए नए सार्थक शब्द को समास कहते हैं समस्त पद / सामासिक पद- समास के नियमों से बना शब्द समस्त पद या सामासिक शब्द कहलाता है समास विग्रह- समस्त पद के सभी पदों को अलग अलग किए जाने की प्रक्रिया समास विग्रह व्यास कहलाती है जैसे- नीलकमल का विग्रह "नीला है जो कमल" तथा चौराहा का विग्रह "चार राहों का समूह" समास के भेद समाज के छह मुख्य भेद हैं 1. अव्ययीभाव समास 2.तत्पुरुष समास 3.कर्मधारय समास 4.द्विगु समास 5.द्वंद समास 6.बहुव्रीहि समास पदों की प्रधानता के आधार पर वर्गीकरण पूर्व पद प्रधान - अव्ययीभाव उत्तर प्रधान - तत्पुरुष कर्मधारय दोनों पद प्रधान - द्वंद दोनों पद अप्रधान - बहुव्रीहि ( इसमें कोई तीसरा प्रदान होता है) 1. अव्ययीभाव समास- जिस समास का पहला पद (पूर्वपद) अव्यय त...
भोपाल में देखने लायक कुछ रहस्यमई जगह भोपाल को झीलों की नगरी भी कहते हैं इसे राजा भोज ने बसाया था यहां पर देखने एवं घूमने लायक कई स्थान है जहां पर आप जाकर आनंद के अनुभूति करेंगे गर्मियां लगते ही पैरेंट्स सोचने लगते हैं कि बच्चों को घुमाने कहां ले जाया जाए अब सोचने की बिल्कुल जरूरत नहीं है मैं आपको बताने जा रहा हूं भोपाल में घूमने लायक कुछ प्रसिद्ध जगह तो आइए जानते हैं वह कौन-कौन सी है 1. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय भाेपाल स्थित एक मानव विज्ञान संग्रहालय है। इसका उद्देश्य भारत के विशेष सन्दर्भ में मानव तथा संस्कृति के विकास के इतिहास को प्रदर्शित करना है। यह अनोखा संग्रहालय श्यामला हिल्स की पहाडियों पर 200 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है, यह भारत ही नहीं अपितु एशिया में मानव जीवन को लेकर बनाया गया विशालतम संग्रहालय है। इस संग्रहालय में प्राचीन काल की वस्तुओं एवं राजाओं के हथियार रखे हुए हैं एवं विभिन्न जनजातियों के द्वारा बनाए गए प्राकृतिक शैल चित्र देखे जा सकते हैं प्रवेश द्वार खुलने का समय- सोमवार और राष्ट्रीय अवकाश को छोड़कर यह प्र...
मध्य प्रदेश सामान्य ज्ञान संपूर्ण ज्ञान जनजाति विस्तार में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 366 (25) के अनुसार जनजाति से तात्पर्य उन जनजातीय समुदाय अथवा जनजातीय समुदायों के अनुसूया समूह से है जो संविधान के अनुच्छेद 342 के तहत अनुसूचित जनजातियों के रूप में माने गए हैं इसी अनुच्छेद के तहत राष्ट्रपति के द्वारा आम सूचना जारी की जाती है संसद किसी भी जनजातीय समुदाय अथवा उसके आंसुओं को अनुसूचित जनजातियों की सूची से निकाल सकती है या उसमें जोड़ सकती है मध्य प्रदेश की प्रमुख आदिवासी जनजातियां और जनजातियां निम्न है गाेंड- प्रधान, अगरिया, ओझा, नगारची, साेलहास, कमार मध्य प्रदेश में कुल जनजाति जनसंख्या का 35% है निवास क्षेत्र- प्रदेश के सभी जिलों में मुख्यता नर्मदा के दोनों किनारों पर विंध्य और सतपुड़ा अंचल में भील- बरेला, भिलाला, पटेरिया, (37.7%) निवास क्षेत्र- धार झाबुआ पूर्वी निमाड़ अलीराजपुर बैगा- बिझवार, धनोतिया, भराेतिया, ना...
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